महाभारत 1.136.17भीमसेनस्तु राजेन्द्र भीमवेगपराक्रमःजगाम भ्रातॄनादाय सर्वान्मातरमेव चbhīmasenastu rājendra bhīmavegaparākramaḥjagāma bhrātṝnādāya sarvānmātarameva caइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें