महाभारत 1.137.11
अद्य पाण्डुर्मृतो राजा भ्राता मम सुदुर्लभःतेषु वीरेषु दग्धेषु मात्रा सह विशेषतः
adya pāṇḍurmṛto rājā bhrātā mama sudurlabhaḥteṣu vīreṣu dagdheṣu mātrā saha viśeṣataḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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