महाभारत 1.142.9ततो वृतो मया भर्ता तव पुत्रो महाबलःअपनेतुं च यतितो न चैव शकितो मयाtato vṛto mayā bhartā tava putro mahābalaḥapanetuṃ ca yatito na caiva śakito mayāइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें