महाभारत 1.149.18
गुरुणा चाननुज्ञातो ग्राहयेद्यं सुतो ममन स कुर्यात्तया कार्यं विद्ययेति सतां मतम्
guruṇā cānanujñāto grāhayedyaṃ suto mamana sa kuryāttayā kāryaṃ vidyayeti satāṃ matam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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