महाभारत 1.149.2
एकस्तव सुतो बालः कन्या चैका तपस्विनीन ते तयोस्तथा पत्न्या गमनं तत्र रोचये
ekastava suto bālaḥ kanyā caikā tapasvinīna te tayostathā patnyā gamanaṃ tatra rocaye
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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