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महाभारत 1.162.16
स तस्य मनुजेन्द्रस्य पश्यतो भगवानृषिःऊर्ध्वमाचक्रमे द्रष्टुं भास्करं भास्करद्युतिः
sa tasya manujendrasya paśyato bhagavānṛṣiḥūrdhvamācakrame draṣṭuṃ bhāskaraṃ bhāskaradyutiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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