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महाभारत 1.165.16
अर्बुदेन गवां ब्रह्मन्मम राज्येन वा पुनःनन्दिनीं संप्रयच्छस्व भुङ्क्ष्व राज्यं महामुने
arbudena gavāṃ brahmanmama rājyena vā punaḥnandinīṃ saṃprayacchasva bhuṅkṣva rājyaṃ mahāmune
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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