महाभारत 1.166.23
अन्तर्गतं तु तद्राज्ञस्तदा ब्राह्मणभाषितम्सोऽन्तःपुरं प्रविश्याथ संविवेश नराधिपः
antargataṃ tu tadrājñastadā brāhmaṇabhāṣitamso'ntaḥpuraṃ praviśyātha saṃviveśa narādhipaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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