महाभारत 1.166.32
सक्तो मानुषमांसेषु यथोक्तः शक्तिना पुराउद्वेजनीयो भूतानां चरिष्यति महीमिमाम्
sakto mānuṣamāṃseṣu yathoktaḥ śaktinā purāudvejanīyo bhūtānāṃ cariṣyati mahīmimām
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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