महाभारत 1.166.39
वसिष्ठो घातिताञ्श्रुत्वा विश्वामित्रेण तान्सुतान्धारयामास तं शोकं महाद्रिरिव मेदिनीम्
vasiṣṭho ghātitāñśrutvā viśvāmitreṇa tānsutāndhārayāmāsa taṃ śokaṃ mahādririva medinīm
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें