महाभारत 1.194.13
वाहनानि प्रभूतानि मित्राणि बहुलानि चयावन्न तेषां गान्धारे तावदेवाशु विक्रम
vāhanāni prabhūtāni mitrāṇi bahulāni cayāvanna teṣāṃ gāndhāre tāvadevāśu vikrama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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