महाभारत 1.201.9
तयोस्तपःप्रभावेण दीर्घकालं प्रतापितःधूमं प्रमुमुचे विन्ध्यस्तदद्भुतमिवाभवत्
tayostapaḥprabhāveṇa dīrghakālaṃ pratāpitaḥdhūmaṃ pramumuce vindhyastadadbhutamivābhavat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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