महाभारत 1.202.9
ततः सर्वां महीं जेतुमारब्धावुग्रशासनौसैनिकांश्च समाहूय सुतीक्ष्णां वाचमूचतुः
tataḥ sarvāṃ mahīṃ jetumārabdhāvugraśāsanausainikāṃśca samāhūya sutīkṣṇāṃ vācamūcatuḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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