महाभारत 1.203.8ततो देवगणाः सर्वे ते चैव परमर्षयःतमेवार्थं पुरस्कृत्य पितामहमचोदयन्tato devagaṇāḥ sarve te caiva paramarṣayaḥtamevārthaṃ puraskṛtya pitāmahamacodayanइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें