महाभारत 1.206.29
भक्तां भजस्व मां पार्थ सतामेतन्मतं प्रभोन करिष्यसि चेदेवं मृतां मामुपधारय
bhaktāṃ bhajasva māṃ pārtha satāmetanmataṃ prabhona kariṣyasi cedevaṃ mṛtāṃ māmupadhāraya
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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