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महाभारत 1.21.2
यत्र सा विनता तस्मिन्पणितेन पराजिताअतीव दुःखसंतप्ता दासीभावमुपागता
yatra sā vinatā tasminpaṇitena parājitāatīva duḥkhasaṃtaptā dāsībhāvamupāgatā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंयत्र सा विनता तस्मिन्पणितेन पराजिताअतीव दुःखसंतप्ता दासीभावमुपागता
yatra sā vinatā tasminpaṇitena parājitāatīva duḥkhasaṃtaptā dāsībhāvamupāgatā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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