महाभारत 1.210.9
पूर्वमेव तु कृष्णस्य वचनात्तं महीधरम्पुरुषाः समलंचक्रुरुपजह्रुश्च भोजनम्
pūrvameva tu kṛṣṇasya vacanāttaṃ mahīdharampuruṣāḥ samalaṃcakrurupajahruśca bhojanam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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