महाभारत 1.218.26कृष्णश्च सुमहातेजाश्चक्रेणारिनिहा तदादैत्यदानवसंघानां चकार कदनं महत्kṛṣṇaśca sumahātejāścakreṇārinihā tadādaityadānavasaṃghānāṃ cakāra kadanaṃ mahatइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें