महाभारत 1.219.16
नैतौ शक्यौ दुराधर्षौ विजेतुमजितौ युधिअपि सर्वेषु लोकेषु पुराणावृषिसत्तमौ
naitau śakyau durādharṣau vijetumajitau yudhiapi sarveṣu lokeṣu purāṇāvṛṣisattamau
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें