महाभारत 1.223.10
यदग्ने ते शिवं रूपं ये च ते सप्त हेतयःतेन नः परिरक्षाद्य ईडितः शरणैषिणः
yadagne te śivaṃ rūpaṃ ye ca te sapta hetayaḥtena naḥ parirakṣādya īḍitaḥ śaraṇaiṣiṇaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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