महाभारत 1.26.36
कश्यपस्य मुनेः पुत्रो विनतायाश्च खेचरःहर्तुं सोममनुप्राप्तो बलवान्कामरूपवान्
kaśyapasya muneḥ putro vinatāyāśca khecaraḥhartuṃ somamanuprāpto balavānkāmarūpavān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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