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महाभारत 1.3.93
स एवमुक्तः प्रत्युवाचकिं ते प्रियं करवाणीतिएवं ह्याहुः
sa evamuktaḥ pratyuvācakiṃ te priyaṃ karavāṇītievaṃ hyāhuḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंस एवमुक्तः प्रत्युवाचकिं ते प्रियं करवाणीतिएवं ह्याहुः
sa evamuktaḥ pratyuvācakiṃ te priyaṃ karavāṇītievaṃ hyāhuḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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