महाभारत 1.36.8
ततोऽपरस्मिन्संप्राप्ते काले कस्मिंश्चिदेव तुपरिक्षिदिति विख्यातो राजा कौरववंशभृत्
tato'parasminsaṃprāpte kāle kasmiṃścideva tuparikṣiditi vikhyāto rājā kauravavaṃśabhṛt
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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