महाभारत 1.38.34
तं ददर्श स नागेन्द्रस्तक्षकः काश्यपं पथिगच्छन्तमेकमनसं द्विजो भूत्वा वयोतिगः
taṃ dadarśa sa nāgendrastakṣakaḥ kāśyapaṃ pathigacchantamekamanasaṃ dvijo bhūtvā vayotigaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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