महाभारत 1.42.14
यस्य कन्यास्ति भूतस्य ये मयेह प्रकीर्तिताःते मे कन्यां प्रयच्छन्तु चरतः सर्वतोदिशम्
yasya kanyāsti bhūtasya ye mayeha prakīrtitāḥte me kanyāṃ prayacchantu carataḥ sarvatodiśam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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