महाभारत 1.46.22
तस्मिन्प्रतिगते विप्रे छद्मनोपेत्य तक्षकःतं नृपं नृपतिश्रेष्ठ पितरं धार्मिकं तव
tasminpratigate vipre chadmanopetya takṣakaḥtaṃ nṛpaṃ nṛpatiśreṣṭha pitaraṃ dhārmikaṃ tava
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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