महाभारत 1.47.19
कम्पयन्तश्च सर्वेषामुरगाणां मनांसि तेसर्पानाजुहुवुस्तत्र सर्वानग्निमुखे तदा
kampayantaśca sarveṣāmuragāṇāṃ manāṃsi tesarpānājuhuvustatra sarvānagnimukhe tadā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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