महाभारत 1.61.35
चन्द्रहन्तेति यस्तेषां कीर्तितः प्रवरोऽसुरःशुनको नाम राजर्षिः स बभूव नराधिपः
candrahanteti yasteṣāṃ kīrtitaḥ pravaro'suraḥśunako nāma rājarṣiḥ sa babhūva narādhipaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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