महाभारत 1.61.39
अनायुषस्तु पुत्राणां चतुर्णां प्रवरोऽसुरःविक्षरो नाम तेजस्वी वसुमित्रोऽभवन्नृपः
anāyuṣastu putrāṇāṃ caturṇāṃ pravaro'suraḥvikṣaro nāma tejasvī vasumitro'bhavannṛpaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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