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महाभारत 1.65.39
यमश्च सोमश्च महर्षयश्च; साध्या विश्वे वालखिल्याश्च सर्वेएतेऽपि यस्योद्विजन्ते प्रभावा;त्कस्मात्तस्मान्मादृशी नोद्विजेत
yamaśca somaśca maharṣayaśca; sādhyā viśve vālakhilyāśca sarveete'pi yasyodvijante prabhāvā;tkasmāttasmānmādṛśī nodvijeta
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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