महाभारत 1.69.2
मेनका त्रिदशेष्वेव त्रिदशाश्चानु मेनकाम्ममैवोद्रिच्यते जन्म दुःषन्त तव जन्मतः
menakā tridaśeṣveva tridaśāścānu menakāmmamaivodricyate janma duḥṣanta tava janmataḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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