महाभारत 1.7.3
पृष्टो हि साक्षी यः साक्ष्यं जानमानोऽन्यथा वदेत्स पूर्वानात्मनः सप्त कुले हन्यात्तथा परान्
pṛṣṭo hi sākṣī yaḥ sākṣyaṃ jānamāno'nyathā vadetsa pūrvānātmanaḥ sapta kule hanyāttathā parān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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