महाभारत 1.72.6
कच उवाच · kaca uvāca
पूज्यो मान्यश्च भगवान्यथा तव पिता ममतथा त्वमनवद्याङ्गि पूजनीयतरा मम
pūjyo mānyaśca bhagavānyathā tava pitā mamatathā tvamanavadyāṅgi pūjanīyatarā mama
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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