महाभारत 1.80.25
दत्त्वा च पूरवे राज्यं वनवासाय दीक्षितःपुरात्स निर्ययौ राजा ब्राह्मणैस्तापसैः सह
dattvā ca pūrave rājyaṃ vanavāsāya dīkṣitaḥpurātsa niryayau rājā brāhmaṇaistāpasaiḥ saha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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