महाभारत 1.80.6स राजा सिंहविक्रान्तो युवा विषयगोचरःअविरोधेन धर्मस्य चचार सुखमुत्तमम्sa rājā siṃhavikrānto yuvā viṣayagocaraḥavirodhena dharmasya cacāra sukhamuttamamइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें