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महाभारत 1.88.3
वसुमना उवाच · vasumanā uvāca
तांस्ते ददामि पत मा प्रपातं; ये मे लोकास्तव ते वै भवन्तुक्रीणीष्वैनांस्तृणकेनापि राज;न्प्रतिग्रहस्ते यदि सम्यक्प्रदुष्टः
tāṃste dadāmi pata mā prapātaṃ; ye me lokāstava te vai bhavantukrīṇīṣvaināṃstṛṇakenāpi rāja;npratigrahaste yadi samyakpraduṣṭaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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