महाभारत 1.9.9
रुरुरुवाचक उपायः कृतो देवैर्ब्रूहि तत्त्वेन खेचरकरिष्ये तं तथा श्रुत्वा त्रातुमर्हति मां भवान्
rururuvācaka upāyaḥ kṛto devairbrūhi tattvena khecarakariṣye taṃ tathā śrutvā trātumarhati māṃ bhavān
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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