Loading
महाभारत 1.90.21
अक्रोधनः खलु कालिङ्गीं करण्डुं नामोपयेमेतस्यामस्य जज्ञे देवातिथिः
akrodhanaḥ khalu kāliṅgīṃ karaṇḍuṃ nāmopayemetasyāmasya jajñe devātithiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलेंअक्रोधनः खलु कालिङ्गीं करण्डुं नामोपयेमेतस्यामस्य जज्ञे देवातिथिः
akrodhanaḥ khalu kāliṅgīṃ karaṇḍuṃ nāmopayemetasyāmasya jajñe devātithiḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
पुस्तक में खोलें