महाभारत 1.90.2
किं तु लघ्वर्थसंयुक्तं प्रियाख्यानं न मामतिप्रीणात्यतो भवान्भूयो विस्तरेण ब्रवीतु मे
kiṃ tu laghvarthasaṃyuktaṃ priyākhyānaṃ na māmatiprīṇātyato bhavānbhūyo vistareṇa bravītu me
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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