महाभारत 1.92.40भाग्योपनतकामस्य भार्येवोपस्थिताभवत्शंतनो राजसिंहस्य देवराजसमद्युतेःbhāgyopanatakāmasya bhāryevopasthitābhavatśaṃtano rājasiṃhasya devarājasamadyuteḥइस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।पुस्तक में खोलेंयह श्लोक साझा करें