महाभारत 1.97.20
जानामि ते स्थितिं सत्ये परां सत्यपराक्रमइच्छन्सृजेथास्त्रीँल्लोकानन्यांस्त्वं स्वेन तेजसा
jānāmi te sthitiṃ satye parāṃ satyaparākramaicchansṛjethāstrīm̐llokānanyāṃstvaṃ svena tejasā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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