महाभारत 1.99.26
तस्मै पूजां ततोऽकार्षीत्पुरोधाः परमर्षयेस च तां प्रतिजग्राह विधिवन्मन्त्रपूर्वकम्
tasmai pūjāṃ tato'kārṣītpurodhāḥ paramarṣayesa ca tāṃ pratijagrāha vidhivanmantrapūrvakam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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