महाभारत 10.11.13
प्रसुप्तानां वधं श्रुत्वा द्रौणिना पापकर्मणाशोकस्तपति मां पार्थ हुताशन इवाशयम्
prasuptānāṃ vadhaṃ śrutvā drauṇinā pāpakarmaṇāśokastapati māṃ pārtha hutāśana ivāśayam
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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