महाभारत 10.13.10
ते समार्छन्नरव्याघ्राः क्षणेन भरतर्षभभीमसेनं महेष्वासं समनुद्रुत्य वेगिताः
te samārchannaravyāghrāḥ kṣaṇena bharatarṣabhabhīmasenaṃ maheṣvāsaṃ samanudrutya vegitāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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