महाभारत 10.13.13
स ददर्श महात्मानमुदकान्ते यशस्विनम्कृष्णद्वैपायनं व्यासमासीनमृषिभिः सह
sa dadarśa mahātmānamudakānte yaśasvinamkṛṣṇadvaipāyanaṃ vyāsamāsīnamṛṣibhiḥ saha
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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