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महाभारत 10.8.11
ते तु कृत्वा महत्कर्म श्रान्ताश्च बलवद्रणेप्रसुप्ता वै सुविश्वस्ताः स्वसैन्यपरिवारिताः
te tu kṛtvā mahatkarma śrāntāśca balavadraṇeprasuptā vai suviśvastāḥ svasainyaparivāritāḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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