महाभारत 10.8.150
पाञ्चाला निहताः सर्वे द्रौपदेयाश्च सर्वशःसोमका मत्स्यशेषाश्च सर्वे विनिहता मया
pāñcālā nihatāḥ sarve draupadeyāśca sarvaśaḥsomakā matsyaśeṣāśca sarve vinihatā mayā
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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