महाभारत 10.8.25
स तस्य भवनाद्राजन्निष्क्रम्यानादयन्दिशःरथेन शिबिरं प्रायाज्जिघांसुर्द्विषतो बली
sa tasya bhavanādrājanniṣkramyānādayandiśaḥrathena śibiraṃ prāyājjighāṃsurdviṣato balī
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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