महाभारत 10.8.31
ततस्ते योधमुख्यास्तं सहसा पर्यवारयन्स तानापततः सर्वान्रुद्रास्त्रेण व्यपोथयत्
tataste yodhamukhyāstaṃ sahasā paryavārayansa tānāpatataḥ sarvānrudrāstreṇa vyapothayat
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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