महाभारत 10.8.88
स शब्दः प्रेरितो राजन्भूतसंघैर्मुदा युतैःअपूरयद्दिशः सर्वा दिवं चापि महास्वनः
sa śabdaḥ prerito rājanbhūtasaṃghairmudā yutaiḥapūrayaddiśaḥ sarvā divaṃ cāpi mahāsvanaḥ
इस श्लोक का हमारा सरल अर्थ विद्वत् समीक्षा की प्रतीक्षा में है।
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